तब उसके साथ निश्चिन्त लोगों की भीड़ का कोलाहल सुनाई पड़ा, और उन साधारण लोगों के पास जंगल से बुलाए हुए पियक्कड़ लोग भी थे; उन्होंने उन दोनों बहिनों के हाथों में चूड़ियाँ पहिनाईं, और उनके सिरों पर शोभायमान मुकुट रखे।