परन्तु मेरी कबूतरी, मेरी निर्मल, अद्वितीय है, अपनी माता की एकलौती, अपनी जननी की दुलारी है। पुत्रियों ने उसे देखा और धन्य कहा; रानियों और रखेलियों ने देखकर उसकी प्रशंसा की।