పరిశుద్ధ గ్రంథము
,
पुराना नियम
,
नीतिवचन
,
अध्याय 22
,
వచనము 20
मैं बहुत दिनों से तेरे हित के उपदेश और ज्ञान की बातें लिखता आया हूँ,
Go to Home Page