तब मैं ने यह निश्चय जान लिया, कि वह गिर जाने के पश्चात् नहीं बच सकता, उसके पास खड़े होकर उसे मार डाला; और मैं उसके सिर का मुकुट और उसके हाथ का कंगन लेकर यहाँ अपने प्रभु के पास आया हूँ।”