तब सातवें दिन सूर्य डूबने न पाया था कि उस नगर के मनुष्यों ने शिमशोन से कहा, “मधु से अधिक क्या मीठा? और सिंह से अधिक क्या बलवन्त है?” उसने उनसे कहा, “यदि तुम मेरी कलोर को हल में न जोतते, तो मेरी पहेली को कभी न बूझते।”