“यदि सब गादी और रूबेनी पुरुष युद्ध के लिये हथियार–बन्द तुम्हारे संग यरदन पार जाएँ, और देश तुम्हारे वश में आ जाए, तो गिलाद देश उनकी निज भूमि होने को उन्हें देना।