हम सीमा से बाहर दूसरों के परिश्रम पर घमण्ड नहीं करते; परन्तु हमें आशा है कि ज्यों–ज्यों तुम्हारा विश्वास बढ़ता जाएगा त्यों–त्यों हम अपनी सीमा के अनुसार तुम्हारे कारण और भी बढ़ते जाएँगे,